जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों को लेकर चिंता और बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभागीय टीम क्षेत्र का दौरा कर चमगादड़ों की मौत के कारणों की जांच करेगी। शुरुआती तौर पर अत्यधिक गर्मी और हीट स्ट्रोक को मौत की वजह माना जा रहा
गर्मी और लगातार चल रही लू अब खौफनाक रूप लेने लगी है। आम इंसानों के साथ-साथ वन्य जीव और पक्षी भी इस भीषण तापमान की चपेट में आ रहे हैं। कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में गर्मी का ऐसा भयावह असर देखने को मिला, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। यहां भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के कारण सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई।
पाली के नौकोनिया तालाब के आसपास का दृश्य बेहद दर्दनाक और डराने वाला था। पेड़ों पर लटके चमगादड़ अचानक नीचे गिरते नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि चमगादड़ ऐसे गिर रहे थे जैसे पेड़ों से पके हुए फल टूटकर जमीन पर गिरते हैं। तालाब किनारे बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ पड़े मिलने से गांव में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए।
Get real time update about this post category directly on your device, subscribe now.