रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज मानसून सत्र के दौरान सदन से ज्यादा हंगामा भूपेश बघेल के आवास पर देखने को मिला, जब ईडी की टीम ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य में कथित करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। बता दें कि इससे पहले ये जानकारी आई थी कि चैतन्य बघेल को ईडी ने हिरासत में लिया था।
न्यूज एजेंसी ने अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, गिरफ्तारी के बाद चैतन्य बघेल को रायपुर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है, 7 दिन कस्टोडियल रिमांड की मांग ED ने की है। फिलहाल ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
चरणदास महंत का ट्वीट – सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बंद हो! आज जब सरकारी एजेंसियों का उपयोग जनता की सेवा की बजाय राजनीतिक विरोधियों को डराने, दबाने और बदनाम करने में किया जा रहा है, तब सवाल उठता है – क्या यही लोकतंत्र है? जनहित में काम करने वाली संस्थाओं को राजनीतिक हथियार बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों का सीधा अपमान है। हम इस दुरुपयोग का विरोध करते हैं और न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हैं।
बता दें कि कथित शराब घोटाला मामले में पहले ही छत्तीसगढ़ के पूर्व आबाकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी हो चुकी है और वो फिलहाल जेल में हैं। लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर निदेशालय की ओर से कहा गया था कि जांच में पहले पता चला कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
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