सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के बरमकेला वन परिक्षेत्र के छिछपानी 942 पीएफ नंबर के जंगल से वन्यजीव शिकार की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां शिकारियों ने भालू का शिकार कर उसका मांस आपस में बांट लिया और उसका कटा हुआ सिर, खाल और बाल कपरतुंगा गांव के तालाब में फेंक दिया।
कुछ दिनों बाद जब तालाब में भालू का कटा सिर और खाल तैरते हुए मिले तो मामले का खुलासा हुआ। हालांकि वन विभाग ने घटना को दबाने की कोशिश की और गुपचुप जांच में जुटा रहा, लेकिन सोशल मीडिया में तस्वीरें वायरल होने के बाद मामला मीडिया तक पहुंच गया।
वन विभाग की कार्रवाई में कपरतुंगा गांव के दो आरोपियों — जुगलाल सिदार और ज्योति राम सिदार — को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना 13 अगस्त की रात की बताई जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में जिले में कई वन्यजीव शिकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बाघ और तेंदुए का शिकार शामिल है। अब भालू के शिकार की यह घटना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
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