थाना चरचा, जिला कोरिया में दिनांक 22 अगस्त 2025 को प्रार्थी सुमित कुमार चखियार, निवासी स्टाफ कॉलोनी चरचा, द्वारा चोरी की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रार्थी ने बताया कि वह चरचा ईस्ट कटगोडी ब्लॉक में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत है। दिनांक 01 अगस्त 2025 को अपने निजी कार्य हेतु पैतृक निवास अम्बिकापुर गया था और अपने क्वार्टर को ताला बंद कर चाबी अपने पास रखा तथा देखरेख हेतु दूसरी चाबी नौकरानी ममता सारथी को दी थी। दिनांक 02 अगस्त की शाम को नौकरानी ने मोबाइल पर सूचना दी कि घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर भीतर प्रवेश कर गए हैं, जिसके बाद प्रार्थी तत्काल पहुंचा। जांच करने पर सामने का जाली काटा हुआ, दरवाजे का ताला टूटा हुआ तथा आलमारी का लॉक तोड़ने का प्रयास पाया गया। रसोईघर से ड्राईफ्रूट और मिक्सचर गायब थे। सामान का मिलान करने पर दो बैग (लाल एवं काले रंग के), तीन लैपटॉप (डेल, एलजी एवं एसर कम्पनी के), चार मोबाइल (एक सैमसंग व तीन नोकिया कम्पनी के), चांदी की मूर्ति, चांदी का सिक्का तथा आभूषण व अन्य सामग्री कुल कीमत लगभग ₹1,24,000/- चोरी होना पाया गया। इस संबंध में थाना चरचा में अपराध क्रमांक 163/2025 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारम्भ की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरिया श्री रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री राजेश साहू के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा लगातार संदेहियों से पूछताछ की गई, जिसमें अपचारी विधि विरुद्ध बालक उम्र 16 वर्ष, निवासी घुटरी दफाई चरचा से पूछताछ की गई। पूछताछ पर उसने अपने साथी (विधि विरुद्ध बालक) उम्र 16 वर्ष, निवासी घुटरी दफाई चरचा के साथ चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी गये तीनों लैपटॉप, चार मोबाइल, गले का हार एवं दोनों बैग बरामद कर लिए गए। पूछताछ के दौरान दोनों ने विस्तृत रूप से अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके आधार पर उन्हें विधि विरुद्ध बालक मानते हुए गिरफ्तार किया गया।
इस प्रकरण का सफल खुलासा मात्र 24 घण्टों के भीतर कर कोरिया पुलिस ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ा है और आमजन का विश्वास और मजबूत किया है। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी श्री प्रमोद पाण्डे, उप निरीक्षक अनिल सोनवानी, सहायक उप निरीक्षक बालकृष्ण राजवाडे, प्रधान आरक्षक बृजेश सिंह तथा पुलिस सैनिक सतीश सिंह, राजेश टाण्डे और विकास सिंह का विशेष योगदान रहा। इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से कोरिया पुलिस ने पुनः यह सिद्ध किया है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित अथवा सुनियोजित क्यों न हो, अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
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