बिलासपुर, 8 सितंबर/छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के ट्रायज वार्ड ने स्थापना के एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस अवधि में कुल 7,622 मरीजों को यहाँ से लाभ प्राप्त हुआ। इनमें से अधिकांश मरीज गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में भर्ती किए गए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार एवं स्थिरीकरण के बाद आगे संबंधित वार्डों में शिफ्ट किया गया।
सुविधाएं एवं सेवाएं
वार्ड में 12 बिस्तर एवं 4 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी और मेडिसिन विभाग के चिकित्सक तीनों शिफ्टों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।प्रत्येक शिफ्ट में एक डॉक्टर, एक नर्सिंग स्टाफ और एक वार्ड बॉय की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है।आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन विभाग के अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर एवं स्टाफ भी तत्काल उपलब्ध होते हैं। गंभीर मरीजों के लिए बेडसाइड एक्स-रे और खून जांच की सुविधा। मरीजों की प्राथमिकता के लिए तीन रंगों का जोन सिस्टम बनाया गया है। लाल (अति गंभीर),हरा (गंभीर) और पीला (सामान्य)।हर दिवस के अनुसार ही बेडशीट मरीज के लिए प्रदान किया जाता है।
नेतृत्व एवं सहयोग
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के मार्गदर्शन में आपातकालीन विभाग इंचार्ज डॉ. सुनील कुमार पेंद्रो, डॉ. आदिया सिंगरौल, डॉ. शैलेश पैकरा, डॉ. धनंजय निर्मलकर, डॉ. गिरिवार, नर्सिंग स्टाफ पुष्पलता शर्मा इंचार्ज, पल्लवी कौमार्य, उर्मिला भगत, पापीहा साहा, इंदुस्वाति मिंज, उपासना, संगीता, चांदनी) तथा वार्ड बॉय (संजय, सुनील, कबीर, रमेश, गोविंद, कमलेश, शिवरात्रि, विनोद, दया) की टीम लगातार गंभीर मरीजों की सेवा में तत्पर है।
डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता सिम्स ने कहा—
“ट्रायज वार्ड सिम्स हॉस्पिटल का चेहरा है, जहाँ गंभीर मरीजों का सभी विभागों के डॉक्टरों के समन्वय से तत्काल इलाज किया जाता है। यह वार्ड निरंतर गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है।”
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