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सावन का दूसरा सोमवार आज पड़ रहा है, यह बेहद खास होता है। कई सालों बाद सावन का दूसरा सोमवार और कामिका एकादशी तिथि एक साथ पड़ रही है। ऐसे में शिव जी और विष्णु जी के भक्तों के लिए यह बेहद खास दिन है। सावन सोमवार के दिन शिव जी की विशेष पूजा का विधान है। मान्यता है कि इससे साधक के जीवन के सभी दुख एक साथ दूर हो जाते हैं और सभी संकटों का एक साथ नाश हो जाता है। इसके अलावा, सावन सोमवार के दिन शाम को भी शिव पूजा की जाती है। पूजा के दौरान अगर शिव षडाक्षर स्तोत्र का पाठ किया जाए तो यह और भी बेहतर परिणाम देगा।
शिव षडाक्षर स्तोत्र के लाभ
शिव षडाक्षर स्तोत्र के रचयिता आदि शंकराचार्य ने की है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस स्तोत्र का पाठ नियमित रूप से करता है उस पर भगवान शिव अपनी कृपा बनाए रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि शिव षडाक्षर स्तोत्र के पाठ से भगवान शंकर जल्दी प्रसन्न होते हैं और जातक के सभी दुखों का नाश कर देते हैं।
किसे करना चाहिए यह पाठ?
ऐसी मान्यता है कि वह जातक को अपनी एकाग्रता खो रहा हो या जो परेशान हो और मेहनत करने के बाद उसे मन मुताबिक परिणाम नहीं मिल रहा हो, उसे शिव षडाक्षर स्तोत्र का जाप करना चाहिए।
शिव षडाक्षर स्तोत्रम्
ॐकारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिनः ।
कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः ॥१॥
नमंति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणाः ।
नरा नमंति देवेशं नकाराय नमो नमः ॥२॥
महादेवं महात्मानं महाध्यानं परायणम् ।
महापापहरं देवं मकाराय नमो नमः ॥३॥
शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम् ।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः ॥४॥
वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम् ।
वामे शक्तिधरं देवं वकाराय नमो नमः ॥५॥
यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वव्यापी महेश्वरः ।
यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ॥६॥
षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पठेच्छिवसंनिधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥७॥
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