हाल ही में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उन्हें भी कानून के दायरे से कोई छूट न दी जाए। रिजिजू ने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा, मैं भी एक नागरिक हूं और मुझ पर भी वही कानून लागू होना चाहिए जो किसी अन्य नागरिक पर होता है। मुझे किसी भी तरह की कानूनी छूट न दी जाए।”
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गिरफ्तारी पर पद से हटाने का बिल
इस बयान के साथ-साथ, रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक कानून लाने पर विचार करने को कहा था। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा है कि एक ऐसा बिल तैयार किया जाए, जिसके तहत अगर किसी नेता को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे तुरंत उसके पद से हटा दिया जाए।” इस तरह का कदम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला हो सकता है।
क्यों है यह बयान महत्वपूर्ण?
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में भ्रष्टाचार और नेताओं की कानूनी जवाबदेही को लेकर बहस तेज है। प्रधानमंत्री मोदी का यह रुख दर्शाता है कि वह खुद को भी देश के कानून से ऊपर नहीं मानते हैं और चाहते हैं कि कानून सभी के लिए समान हो। यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर काफी चर्चा हो रही है। जहां एक ओर विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए हैं, वहीं जनता का एक बड़ा तबका इसे एक साहसिक कदम मान रहा है। लोगों का मानना है कि इस तरह के सख्त कानून से राजनेताओं में जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
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