Table of Contents
रायगढ़/अलीराजपुर/। मॉनसून के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ खेत या जंगल के पास मवेशी चरा रहे दो चरवाहे बिजली की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
Conspiracy failed in temple: माँ महामाया मंदिर में अव्यवस्था की साजिश विफल, पुलिस ने दो को दबोचा
बारिश से बचने की कोशिश पड़ी भारी
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा
के गंजाई पाली गाँव के पास हुआ। गाँव के वर्षीय दो युवक आकाश किंडो और लिबुन करकेट्टा अपनी बकरियाँ चराने के लिए जंगल गए हुए थे।
दोपहर के समय अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए, दोनों चरवाहे पास ही खड़े एक महुआ के पेड़ के नीचे आसरा लेने चले गए।
पल भर में टूटा आसमानी कहर
चरवाहों को क्या पता था कि जिस पेड़ के नीचे उन्होंने शरण ली है, वही उनकी मौत का कारण बनेगा। तेज चमक और गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी महुआ के पेड़ पर गिरी। बिजली का इतना जोरदार झटका लगा कि दोनों युवक झुलसकर वहीं गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनके पास खड़ी तीन बकरियों की भी मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम, प्रशासन की अपील
घटना की जानकारी मिलने पर आस-पास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुँचे। दोनों युवकों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और राजस्व अमला मौके पर पहुँचा। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जिला प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने की घोषणा की है।
अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान:
- कभी भी पेड़ों के नीचे या ऊँचे स्थानों पर शरण न लें।
- बिजली के खंभों, टावरों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
- खुले मैदान की बजाय पक्की छतों वाले सुरक्षित आश्रय में रहें।
Get real time update about this post category directly on your device, subscribe now.