मुंबई। बर्खास्त आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के परिवार से जुड़े एक मामले में उनकी मां मनोरमा खेडकर को नवी मुंबई की स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है। मनोरमा खेडकर को अपहरण और मारपीट के एक मामले में अंतरिम जमानत मिल गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
मनोरमा खेडकर और उनके पति दिलीप खेडकर (सेवानिवृत्त महाराष्ट्र सरकार अधिकारी) पर ट्रक हेल्पर के अपहरण और उसके साथ मारपीट करने का आरोप है।
इस घटना के बाद पुलिस ने खेडकर दंपत्ति की तलाश शुरू की थी। यह मामला पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर से जुड़े विवादों की कड़ी में एक और नया अध्याय है। पूजा खेडकर पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी करके आरक्षण (ओबीसी और दिव्यांगता कोटा) का कथित तौर पर गलत लाभ उठाने का आरोप लगा था, जिसके बाद उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि
- अपहरण का आरोप: मनोरमा खेडकर और उनके पति दिलीप पर एक ट्रक हेल्पर को कथित रूप से अगवा करने और मारपीट करने का आरोप लगा है।
- अन्य विवाद: इससे पहले, मनोरमा खेडकर पुणे में एक जमीन विवाद के दौरान कुछ लोगों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोप में भी सुर्खियों में आई थीं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
- अगली सुनवाई: स्थानीय अदालत ने मनोरमा को अंतरिम जमानत देते हुए मामले में आगे की सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है।
खेडकर परिवार पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में घिरा हुआ है, जहाँ एक तरफ बेटी (पूजा खेडकर) पर यूपीएससी परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप है, वहीं माता-पिता भी आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
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