रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2500 करोड़ रुपये के आबकारी घोटाले में जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, होटल कारोबारी नीतेश पुरोहित और उनके बेटे यश को बुधवार को विशेष ACB/EOW कोर्ट में पेश किया गया।
Shardiya Navratri : धार्मिक मान्यता: दीपक से दूर होते हैं संकट और नकारात्मक ऊर्जा
कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह फैसला EOW की ओर से आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की मांग के बाद लिया गया।
कौन हैं आरोपी?
- निरंजन दास: ये कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग के आयुक्त थे। इन पर आरोप है कि उन्होंने घोटाले के सिंडिकेट को चलाने में अहम भूमिका निभाई और हर महीने करोड़ों रुपये की रिश्वत लेते थे।
- नीतेश पुरोहित और यश पुरोहित: ये पिता-पुत्र होटल कारोबारी हैं और इन पर घोटाले से अवैध रूप से अर्जित धन को इकट्ठा करने, उसका भंडारण करने और अधिकारियों तक पहुंचाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया है कि 2019 से 2022 के बीच भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का शराब घोटाला हुआ था। ईडी के अनुसार, एक संगठित सिंडिकेट ने सरकारी दुकानों के माध्यम से अवैध शराब की बिक्री और कमीशन वसूलने का काम किया। इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी और राजनेता शामिल बताए जाते हैं।
EOW/ACB ने इस मामले में पिछले साल जनवरी में FIR दर्ज की थी और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। यह गिरफ्तारी इसी जांच का हिस्सा है। फिलहाल, रिमांड के दौरान आरोपियों से इस घोटाले से जुड़े और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
Get real time update about this post category directly on your device, subscribe now.