
अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब वे 30 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर रहेंगी।
ईओडब्ल्यू ने इससे पहले प्रोडक्शन वारंट पर सौम्या चौरसिया को तीन दिन की रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने घोटाले से जुड़े लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर उनसे गहन पूछताछ की।
गौरतलब है कि ईडी की कार्रवाई के बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की थी, लेकिन 15 जनवरी को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद EOW की कार्रवाई तेज हो गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच शराब नीति में बदलाव कर सुनियोजित तरीके से बड़ा घोटाला किया गया। नकली होलोग्राम और सील के जरिए बिना एक्साइज टैक्स शराब की बिक्री कर शासन को करीब 2165 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
EOW का कहना है कि सौम्या चौरसिया की न्यायिक रिमांड से आगे की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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