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सावन का हर एक दिन बेहद शुभ माना गया है। यह पूरा माह देवों के देव महादेव के नाम है। भक्त सावन में शिवपरिवार की पूजा विधिपूर्वक करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में विशेष तौर पर महादेव की पूजा करने से जातक की हर मनोकामना पूर्ण होती है। साथ ही सभी संकटों से मुक्ति मिल जाती है। सावन में शिव पार्वती के अलावा देवी लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है। यह पूजा शुक्रवार दिन की जाती है। ऐसे में पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी से जुड़े मंत्रों का जप करने से जातक के घर की तिजोरी पैसों से भर जाएगी।
श्री लक्ष्मी महामंत्र
ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
श्री लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।।
लक्ष्मी प्रार्थना मंत्र
नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्।।
धन से जुड़े मां लक्ष्मी के मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ
माता लक्ष्मी के मंत्र
- ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
- ॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।।
- ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
- ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।।
- पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम् ।।
- ऊं ह्रीं त्रिं हुं फट।।
- ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
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