बम से उड़ाने की धमकी के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट में हाई अलर्ट, जांच के बाद ही प्रवेश

बिलासपुर। दिल्ली और मुंबई हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (बिलासपुर) की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। हालांकि, बिलासपुर हाईकोर्ट को सीधे तौर पर कोई धमकी नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर परिसर में पुलिस और कमांडो बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर अदालतों को निशाना बनाने की धमकियों के मद्देनजर लिया गया है।

हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, रायगढ़ में 4 मर्डर केस में दो आरोपी हिरासत में

दिल्ली और मुंबई में मिली थी धमकी

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इन धमकियों के बाद दोनों ही जगहों पर अफरा-तफरी मच गई थी और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। हालांकि, जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला। ऐसा माना जा रहा है कि यह किसी की शरारत हो सकती है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।

बिलासपुर हाईकोर्ट की सुरक्षा क्यों बढ़ी?

चूंकि दिल्ली और मुंबई में एक साथ धमकी मिली, तो यह संकेत है कि इस तरह की घटनाएं पूरे देश में कहीं भी हो सकती हैं। इसी को देखते हुए, बिलासपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सुरक्षा को पुख्ता करने का फैसला किया है।

  • बढ़ाया गया पुलिस बल: हाईकोर्ट परिसर के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
  • कमांडो और स्निफर डॉग: परिसर में कमांडो और स्निफर डॉग की टीम भी तैनात की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
  • सघन तलाशी: कोर्ट में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति और वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है।
  • सीसीटीवी निगरानी: पूरे परिसर की सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह एक एहतियाती कदम है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

Get real time update about this post category directly on your device, subscribe now.

Related posts

कटघोरा हाई स्कूल मैदान में DMF फंड पर सवाल, खिलाड़ियों ने लिखित शिकायत से खोली निर्माण कार्य की हकीकत

52 हजार बोरी धान गायब, प्रशासन मौन!
जांच में घोटाला साबित फिर भी प्रबंधक सुरक्षित—संरक्षण किसका?

विधायक भूलन सिंह मरावी के अथक प्रयासों और सशक्त पहल से प्रेमनगर को 17.68 करोड़ की सड़क सौगात, मनिहारीडांड–झापरपारा मार्ग बनेगा मजबूत ।