Home Uncategorizedकिराना दुकान की आड़ में लाखों का खेल! पसान वन परिक्षेत्र में डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी से जुड़ा एक और नया घोटाला उजागर, गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप ।

किराना दुकान की आड़ में लाखों का खेल! पसान वन परिक्षेत्र में डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी से जुड़ा एक और नया घोटाला उजागर, गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप ।

by RM Mishra
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सूत्रों का कहना है कि सामने आ रहे तथ्यों से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय कार्यों में किस कदर कथित तौर पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। आरोप है कि योजनाओं के लिए आवंटित सरकारी राशि का दुरुपयोग कर गबन किया गया, जिससे सीधे तौर पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
कार्रवाई की मांग तेज
मामले को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) या किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी, किराना व्यापारी मीनू पिता बेचुराम तनेरा या वन विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नए खुलासे से घोटालों की फेहरिस्त और लंबी”
स्थानीय लोगों का कहना है कि किराना दुकान से जुड़ा यह नया मामला साफ तौर पर दर्शाता है कि डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी से जुड़े कथित घोटालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे यह समझा जा सकता है कि किस स्तर तक बेमानी संपत्ति अर्जित की गई होगी और विभागीय तंत्र ने इतने लंबे समय तक इस पर आंखें क्यों मूंदे रखीं। अब यह सवाल और तेज हो गया है कि इतनी बड़ी राशि का वास्तविक लाभार्थी कौन है, और क्या यह पूरा खेल विभागीय संरक्षण के बिना संभव था?
“इससे समझा जा सकता है घोटाले की गहराई”
सूत्रों का कहना है कि सामने आ रहे तथ्यों से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय कार्यों में किस कदर कथित तौर पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। आरोप है कि योजनाओं के लिए आवंटित सरकारी राशि का दुरुपयोग कर गबन किया गया, जिससे सीधे तौर पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
कार्रवाई की मांग तेज
मामले को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) या किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
फिलहाल डिप्टी रेंजर अयोध्या प्रसाद सोनी, किराना व्यापारी मीनू पिता बेचुराम तनेरा या वन विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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