Home देशDonald Trump : रूस कोई खतरा नहीं, यूरोप शांत हो जाए: पुतिन की नाटो को कड़ी चेतावनी

Donald Trump : रूस कोई खतरा नहीं, यूरोप शांत हो जाए: पुतिन की नाटो को कड़ी चेतावनी

by Sushmita Mishra
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मॉस्को/सोची। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने रूस को ‘कागजी शेर’ (Paper Tiger) कहा था, जिस पर पुतिन भड़क उठे और नाटो (NATO) को भी ललकार दिया। इसी बीच, उन्होंने भारत के नेतृत्व और उसके साथ अपने ऊर्जा संबंधों पर एक बार फिर गहरा भरोसा जताया है।

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“हम कागजी शेर तो नाटो क्या है?”

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयानों में रूस पर तंज कसते हुए उसे ‘कागजी शेर’ कहा था और दावा किया था कि यूक्रेन अपनी ज़मीन वापस जीत लेगा। इस टिप्पणी पर पुतिन ने पलटवार करते हुए कहा:

  • “अगर हमें कागजी शेर कहा जा रहा है, तो फिर नाटो क्या है?”
  • पुतिन ने दावा किया कि रूस केवल यूक्रेन से नहीं लड़ रहा, बल्कि वह “पूरे नाटो समूह के साथ युद्ध में है” और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
  • उन्होंने यूरोप पर सैन्य खर्च के नाम पर “उन्माद भड़काने” का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि रूस ऐसे खतरों का जवाबी कार्रवाई देने में देर नहीं करेगा।

भारत के नेतृत्व और स्वाभिमान पर जताया भरोसा 🇮🇳🤝🇷🇺

नाटो और अमेरिका पर हमलावर होने के बावजूद, पुतिन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना विश्वास दोहराया।

  • ट्रंप के टैरिफ पर पलटवार: पुतिन ने भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए जा सकने वाले टैरिफ (Tariff) की आलोचना करते हुए कहा कि ये प्रयास विफल होंगे।
  • पीएम मोदी की प्रशंसा: उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी को अच्छी तरह जानता हूँ। वह अपने राष्ट्र के हितों के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।”
  • स्वाभिमानी भारत: पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन जैसे देश स्वाभिमानी हैं और “भारतीय जनता कभी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेगी।”
  • ऊर्जा संबंध: उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के दबाव में आकर भारत रूसी ऊर्जा संसाधनों की खरीद नहीं रोकेगा, क्योंकि इससे भारत को भारी आर्थिक नुकसान (अनुमानित $9-10 अरब) होगा, जिसे भारत का नेतृत्व स्वीकार नहीं करेगा।

यूरेनियम खरीद पर अमेरिका की आलोचना

पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका भारत और अन्य देशों पर रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह खुद रूस से संवर्धित यूरेनियम की खरीद जारी रखे हुए है। पुतिन ने इसे अमेरिकी नीति पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया।

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