अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को चीन के साथ संबंधों को लेकर चेतावनी दी है। नवारो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच राजनयिक और व्यापारिक संबंध मजबूत हो रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीनी विदेश मंत्री वांग यी भारत के दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से तीन दिवसीय चीन दौरे पर जाने वाले हैं।
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अमेरिका की ‘मिर्ची’
प्रधानमंत्री मोदी के चीन दौरे से अमेरिका को ‘मिर्ची’ लगी है। अमेरिका को यह डर है कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है, जिससे अमेरिकी हितों को नुकसान हो सकता है। नवारो ने अपनी टिप्पणी में कहा, “चीन पर भरोसा न करें।” उन्होंने भारत से आग्रह किया कि वह चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर सतर्क रहे।
चीन का भारत दौरा
चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपने भारत दौरे पर हैं। इस दौरान वे भारत के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत करना है।
पीएम मोदी का चीन दौरा
31 अगस्त से शुरू होने वाले पीएम मोदी के चीन दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध चल रहा है। ट्रंप प्रशासन ने चीन पर व्यापारिक अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है और चीनी सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिया है। नवारो इस व्यापार युद्ध के प्रमुख वास्तुकारों में से एक हैं। उनकी टिप्पणी भारत को चीन के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका की चिंता को दर्शाती है।
भारत का रुख
भारत हमेशा से एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता रहा है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही किसी भी देश के साथ संबंध बनाता है। चीन और अमेरिका दोनों ही भारत के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हैं। भारत इन दोनों देशों के साथ संबंधों को संतुलित करने की कोशिश करता है।
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