रायपुर: राजधानी में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। पुलिस द्वारा वारंट जारी किए जाने के बावजूद करीब 14-15 दिन के भीतर दोनों आरोपियों के पेश न होने पर अब उनकी संपत्तियों की कुर्की की तैयारी की जा रही है। रायपुर पुलिस ने यह साफ संकेत दिया है कि अगर आरोपी आगे भी पुलिस के सामने हाज़िर नहीं होते हैं, तो नए कानून के तहत उनकी संपत्तियां ज़ब्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
6 से ज्यादा एफआईआर, गंभीर धाराओं में केस दर्ज
वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के खिलाफ पुरानी बस्ती और अन्य थाना क्षेत्रों में एक्सटॉर्शन, कर्जा एक्ट और गुंडागर्दी जैसी गंभीर धाराओं में 6 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर नकद इनाम भी घोषित किया है और उनकी तलाश के लिए कई टीमों को संभावित ठिकानों पर तैनात किया गया है।
कर्ज के नाम पर वसूली का खुलासा
हाल ही में इन आरोपियों के खिलाफ वसूली का एक और मामला सामने आया है। पीड़ित गजानंद नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसने 2022 में रोहित तोमर से 15 लाख रुपये कर्ज लिया था। शुरुआत में 10 फीसदी ब्याज लिया गया, लेकिन समय के साथ इसे मनमाने ढंग से बढ़ा दिया गया। विरोध करने पर आरोपी रोहित, उसका भतीजा दिव्यांश, साथी आकाश मिश्रा और योगेश सिन्हा ने धमकी देनी शुरू की।
जमीन भी हड़पी, दस्तावेज नहीं लौटाए
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे धमकाकर फरवरी 2024 तक 50 लाख 91 हजार रुपए वसूल लिए, साथ ही 10 हजार वर्गफीट जमीन भी हड़प ली, लेकिन अब तक दस्तावेज नहीं लौटाए। इस शिकायत पर पुरानी बस्ती थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बताया जा रहा है कि फरार आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर राष्ट्रीय करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष है और उसका भाई रोहित तोमर भी लंबे समय से गुंडागर्दी और अवैध वसूली के मामलों में संलिप्त है। दोनों पर कड़ी पुलिस निगरानी रखी जा रही है।
संभावित कार्रवाई 14-15 दिन में पेश न होने पर संपत्ति कुर्की आरोपियों पर बढ़ेगा कानूनी शिकंजा गिरफ्तारी न होने तक तलाश जारी
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